कला के फील्ड में 400 स्कॉलरशिप

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सरकार पूरे करेगी आपके सपने 





दोस्तों स्वागत है ब्लाॅग journey of our india में। दोस्तों ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिनकी बचपन से रूचि कला के क्षेत्र जैसे नृत्य, संगीत, लोककला में होती है पर कई बार पैसे की कमी या मार्गदर्शन की कमी से रूचि होते हुये भी उस क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। आज हम ऐसी ही SCHOLARSHIP के बारे में आपसे शेयर कर रहे हैं जो CENTRAL GOVERNMENT द्वारा दी जाती है। अच्छी बात यह है कि ये कुल 400 लोगों को बड़ी  संख्या में दी जाती है। आप भी इस SCHOLARSHIP को पाकर अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। 

इस योजना का उद्देश्य असाधारण प्रतिभा वाले युवा कलाकारों को भारतीय शास्त्रीय संगीत, भारतीय शास्त्रीय नृत्य, रंगमंच, स्वांग दृश्य कला, लोक, पारम्परिक और स्वदेशी कलाओं तथा सुगम शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उच्च प्रशिक्षण के वास्ते वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

ELIGIBILITY - 
  • ये शिक्षावृत्तियां उच्च प्रशिक्षण के लिए दी जाती हैं, न कि नए सीखने वालों के लिए, अतः अभ्यर्थियों के पास चुने हुए कार्यकलाप के क्षेत्र में प्रवीणता डिग्री होनी चाहिए।
  • अभ्यर्थी को अपने गुरू/संस्थानों से न्यूनतम 5 वर्ष का प्रशिक्षण लिया होना चाहिए। आवेदन के साथ वर्तमान गुरू/संस्थान और पूर्व गुरू/संस्थान (यदि कोई हो) द्वारा विधिवत रूप से हस्ताक्षरित प्रपत्र में इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
  • अभ्यर्थियों को भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। 
  • अभ्यर्थियों में उनके प्रशिक्षण को प्रभावी ढंग से आगे चलाने के लिए पर्याप्त सामान्य ज्ञान होना चाहिए।


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AGE - अभ्यर्थी की आयु उस वर्ष में 1 अप्रैल को 18 वर्ष से कम और 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए जिस वर्ष में आवेदन किया जा रहा है। 

DURATION - सामान्यतः शिक्षावृत्ति की अवधि दो वर्ष होती है। 

CONDITION & FACILITY —
  • प्रत्येक मामले में प्रशिक्षण का स्वरूप अध्येता के पिछले प्रशिक्षण तथा पृष्ठभूमि पर विचार करने के बाद निर्धारित किया जाता है। सामान्यतः, यह किसी गुरू/प्रशिक्षक अथवा मान्यता प्राप्त संस्था की उच्च प्रशिक्षुता के स्वरूप की होती है।
  • अध्येता को कठोर प्रशिक्षण लेना होगा। इस प्रकार के प्रशिक्षण में संबंधित विषय/क्षेत्र में सैद्धान्तिक ज्ञान प्राप्त करने में लगे समय के अतिरिक्त अभ्यास के लिए प्रतिदिन कम से कम तीन घंटे का समय और संबंधित विषयों को समझना भी शामिल है।
  • प्रत्येक अध्येता को यात्रा, पुस्तकों, कला सामग्री, ट्यूशन या प्रशिक्षण प्रभार, यदि कोई हो, पर अपने रहन-सहन के व्यय को पूरा करने के लिए दो वर्ष की अवधि के लिए प्रतिमाह 5000/- रू. का भुगतान किया जाता हैै। 


शोध करने वाले को मिलेंगे 1 लाख 92 हजार 

विदेश में पढ़ने सरकार देगी पैसा


SCHOLARSHIP SUBJECT  —
1. भारतीय शास्त्रीय संगीत  — शास्त्रीय हिन्दुस्तानी संगीत (गायन और वाद्य) शास्त्रीय कर्नाटक संगीत (गायन और वाद्य इत्यादि)
2. भारतीय शास्त्रीय नृत्य/संगीत — भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, कथकली, मोहिनीअट्टम, ओडिसी नृत्य/संगीत, मणिपुरी नृत्य/संगीत, थांगटा, गौडिया नृत्य, छऊ नृत्य/संगीत, सतरिया नृत्य।
3. रंगमंच — रंगमंच कला का कोई विशिष्ट पहलू, जिसमें अभिनय, निर्देशन आदि शामिल हैं किन्तु नाट्यलेखन और अनुसंधान शामिल नहीं है।
4. दृश्य कलाएं — रेखांकन, मूर्तिकला, चित्रकारी, सृजनात्मक फोटोग्राफी, मृत्तिका और सिरेमिक्स आदि।
5. लोक, पारम्परिक और स्वदेशी कलाएं — कठपुतली, स्वांग, लोक रंगमंच, लोक नृत्य, लोक गीत, लोक संगीत आदि। 
6. सुगम शास्त्रीय संगीत — • ठुमरी, दादरा, टप्पा, कव्वाली, ग़ज़ल/• कर्नाटक शैली पर आधारित सुगम शास्त्रीय संगीत/ • रवीन्द्र संगीत, नज़रूल गीति, अतुलप्रसाद।

SCHOLARSHIP -  इस योजना अंतर्गत कुल 400 आवेदकों को छात्रवृत्ति प्राप्त होती है। 

प्रोफेशनल और टेक्निकल कोर्स के लिये स्काॅलरशिप


APPLICATION - प्रत्येक वर्ष सीसीआरटी द्वारा आवेदन आमंत्रित करने संबंधी विज्ञापन समय-समय पर जारी किया जाता है। इसलिए संस्थान की वेबसाइट को चेक करते रहना जरूरी है। 

SELECTION PROCESS आवेदन करने के बाद आवेदक का चयन होने पर उसे विशेषज्ञ समिति के समक्ष साक्षात्कार हेतु उपस्थित होना होता है। अभ्यर्थियों को साक्षात्कार/प्रदर्शन की तारीख, समय और स्थान की सूचना ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। साक्षात्कार में चयन पूर्णत: योग्यता के आधार पर होता है। अत: साक्षात्कार के समय आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज संलग्न किए जाने आवश्यक होते हैं। 
1. शैक्षिक योग्यताओं, अनुभवों इत्यादि की एक-एक स्व—सत्यापित प्रति। किसी भी हालत में मूल दस्तावेज नहीं भेजने चाहिए।
2. मैट्रिक या समकक्ष प्रमाण-पत्र, यदि कोई हो, अथवा आयु का कोई अन्य संतोषजनक प्रमाण (जन्म पत्रियों के अलावा) की एक सत्यापित प्रति।
3. नवीनतम पासपोर्ट आकार का एक फोटो।
4. जो उम्मीदवार चित्रकला, मूर्तिकला और प्रयुक्त कला के क्षेत्र में शिक्षावृत्ति के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें अपने आवेदन पत्रों के साथ उत्कृष्ट मूल कृतियों की, स्व—सत्यापित फोटो भी भेजनी होगी। दृश्य कला के लिए ललित कलाओं में स्नातक अथवा समकक्ष न्यूनतम अहर्ता है।
5. यदि आवेदक एक से अधिक क्षेत्र के लिए आवेदन करना चाहता है तो उसे प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग-अलग ऑनलाइन आवेदन-पत्र भेजना चाहिए।
6. चूंकि ये शिक्षावृत्तियां उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए दी जाती हैं, अतः अभ्यर्थी को अपने गुरू/संस्थानों से न्यूनतम 5 वर्ष का प्रशिक्षण लिया होना चाहिए। आवेदन के साथ वर्तमान गुरू/संस्थान और पूर्व गुरू/संस्थान (यदि कोई हो) द्वारा विधिवत रूप से हस्ताक्षरित इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

SELECTION चयन प्रक्रिया का परिणाम मंत्रालय की वेबसाइट (www.indiaculture.nic.in) पर प्रकाशित किया जाता है। निर्णय पत्र उम्मीदवारों को स्पीड पोस्ट द्वारा भेजे जाते हैं।

IMP INSTRUCTION - पते में किसी प्रकार का परिवर्तन हो तो उसे लिखित में सूचित किया जाना चाहिए। सूचित करते समय प्रशिक्षण के विषय क्षेत्र फाईल संख्या यदि कोई हो तो उसका स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए।

आगे के किसी भी पत्र व्यवहार के लिए उम्मीदवार को निम्नलिखित ब्यौरा देना आवश्यक होता है -
• स्कीम का नाम

• सुस्पष्ट अक्षरों में उम्मीदवार का नाम

• प्रशिक्षण का विषय 

• पंजीकरण संख्या


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